Published on: 03 Nov 2026
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) में उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और युवाओं के सर्वांगीण कौशल विकास को एक नई ऊंचाई प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। कुलपति प्रो. असीम मिगलानी जी के कुशल प्रशासनिक मार्गदर्शन, विज़नरी सोच और निरंतर प्रोत्साहन के तहत विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण नए केंद्रों एवं प्रकोष्ठों का गठन किया गया है तथा अनुभवी प्राध्यापकों को नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इस अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक पहल पर सभी नव-नियुक्त निदेशकों, सहायक निदेशकों और समन्वयकों ने कुलपति प्रो. असीम मिगलानी जी एवं कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह जी का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त किया है।
*कुलपति प्रो. असीम मिगलानी जी का संदेश:*
"विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में उद्यमिता (Entrepreneurship), व्यावहारिक कौशल (Skills), अनुसंधान और वैश्विक स्तर की रोजगार क्षमता का विकास करना है। हमारी प्राथमिकता विश्वविद्यालय के प्रत्येक छात्र को केवल डिग्री धारक न बनाकर उसे उद्योग जगत एवं प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए पूर्ण रूप से सक्षम व आत्मनिर्भर बनाना है। ये नए केंद्र और प्रकोष्ठ हमारे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होंगे और उन्हें नवाचार तथा स्वरोजगार के असीम अवसर प्रदान करेंगे। हमारा दृढ़ संकल्प आईजीयू मीरपुर को शिक्षा, कौशल संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का शीर्ष एवं अग्रणी संस्थान बनाना है।"
*नवीन केंद्रों, प्रकोष्ठों एवं दायित्वों का पूर्ण विवरण:*
1. कौशल एवं उद्यमिता विकास केंद्र
विश्वविद्यालय के पूर्व 'कौशल संवर्धन एवं व्यावसायिक विकास केंद्र' का पुनर्गठन कर 'कौशल एवं उद्यमिता विकास केंद्र' बनाया गया है, जिसकी निदेशक प्रो. रितु बजाज (प्रबंधन विभाग) को नियुक्त किया गया है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित सहायक निदेशकों की नियुक्तियां की गई हैं:
* उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ: डॉ. संदीप पुरवा (सहायक प्राध्यापक, वाणिज्य विभाग) — सहायक निदेशक
* कौशल विकास प्रकोष्ठ: डॉ. ममता अग्रवाल (सहायक प्राध्यापक, वाणिज्य विभाग) — सहायक निदेशक
* सामुदायिक आउटरीच प्रकोष्ठ: डॉ. सत्येंद्र (सहायक प्राध्यापक, समाज कार्य विभाग) — सहायक निदेशक
* कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कोष प्रकोष्ठ: डॉ. संदीप कुमार (सहायक प्राध्यापक, वाणिज्य विभाग) — सहायक निदेशक
(विशेष: प्रो. विवेक वार्ष्णेय एवं प्रो. दीपक गुप्ता सीएसआर कोष हेतु सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे।)
2. कॉर्पोरेट संसाधन केंद्र
विद्यार्थियों के प्लेसमेंट, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और उद्योगों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने हेतु नए 'कॉर्पोरेट संसाधन केंद्र' की स्थापना की गई है, जिसकी निदेशक प्रो. समृद्धि होंगी। इसके अंतर्गत निम्नलिखित सहायक निदेशकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
* प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ: डॉ. सुशांत यादव (सहायक प्राध्यापक, प्रबंधन विभाग) — सहायक निदेशक
* इंटर्नशिप प्रकोष्ठ: डॉ. मनजीत शर्मा (सहायक प्राध्यापक, वाणिज्य विभाग) — सहायक निदेशक
* उद्योग संबंध प्रकोष्ठ: डॉ. विक्रांत (सहायक प्राध्यापक, होटल एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग) — सहायक निदेशक
* करियर परामर्श प्रकोष्ठ: डॉ. भारती (सहायक प्राध्यापक, प्रबंधन विभाग) — सहायक निदेशक
3. विश्वविद्यालय नवाचार एवं इनक्यूबेशन केंद्र
विश्वविद्यालय में अनुसंधान व नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए 'विश्वविद्यालय नवाचार एवं इनक्यूबेशन केंद्र' का गठन किया गया है, जिसके निदेशक प्रो. सुनील कुमार (भौतिकी विभाग) बनाए गए हैं। इसके अंतर्गत:
* बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) प्रकोष्ठ: डॉ. उदय चट्टोपाध्याय (सहायक प्राध्यापक, भौतिकी विभाग) — सहायक निदेशक
* इनक्यूबेशन केंद्र: डॉ. हेमंत कुमार सिंह यादव (सह-प्राध्यापक, भेषज विज्ञान विभाग) — सह-निदेशक
4. विश्वविद्यालय पीठ (चेयर्स) एवं उत्कृष्ट प्रथाएं
* विश्वविद्यालय पीठ समन्वयक: प्रो. सतीश कुमार (अर्थशास्त्र विभाग) को विश्वविद्यालय की विभिन्न पीठों की गतिविधियों के सुचारू संचालन एवं समन्वय हेतु समन्वयक नियुक्त किया गया है।
* उत्कृष्ट प्रथाएं नोडल अधिकारी: डॉ. मीरा बांबा (सह-प्राध्यापक, वाणिज्य विभाग) को विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट प्रथाओं के संकलन व निगरानी हेतु नोडल अधिकारी बनाया गया है।
5. समझौता ज्ञापनों (MoUs) हेतु 19 समन्वयकों की नियुक्ति
विश्वविद्यालय द्वारा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों (जैसे इन्फोसिस, सीएसआईआर-आईएचबीटी पालमपुर, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, स्वदेशी शोध संस्थान, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, सीआईआई आदि) के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों के प्रभावी कार्यान्वयन एवं मॉनिटरिंग के लिए 19 समन्वयकों की नियुक्ति की गई है।
इस अवसर पर सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों ने कुलपति प्रो. असीम मिगलानी एवं कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह के कुशल नेतृत्व, प्रेरणादायी मार्गदर्शन व दूरदर्शी विज़न पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय को नई अकादमिक व अनुसंधानात्मक ऊंचाइयों पर ले जाने का दृढ संकल्प दोहराया।